उत्तरकाशी (उत्तराखंड) – उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में शुक्रवार देर रात बादल फटने की घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया। इस प्राकृतिक आपदा से जन-धन की भारी क्षति हुई है और कई परिवार प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिए हैं।
SDRF, NDRF और जिला प्रशासन मौके पर सक्रिय
घटना की जानकारी मिलते ही SDRF, NDRF, जिला प्रशासन और अन्य आपातकालीन टीमें मौके पर पहुँच गईं और राहत एवं बचाव कार्यों में जुट गईं। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण कार्य में चुनौतियाँ हैं, लेकिन फिर भी बचावकर्मी पूरी तत्परता से कार्य कर रहे हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी
सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि घटना के बाद से ही वरिष्ठ अधिकारी लगातार संपर्क में हैं और स्थिति की गहन निगरानी की जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक राहत सामग्री पहुँचाई जा रही है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री की संवेदना और प्रार्थना
राज्य के मुख्यमंत्री ने इस घटना को “अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक” बताया है और सभी प्रभावितों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा,
“ईश्वर से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूँ। प्रशासन की टीमें राहत कार्यों में लगी हैं और किसी भी जरूरत को तुरंत पूरा किया जाएगा।”
निष्कर्ष:
धराली क्षेत्र में बादल फटने की यह घटना एक बार फिर उत्तराखंड की भौगोलिक संवेदनशीलता को उजागर करती है। ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए समय रहते आपदा प्रबंधन की योजना और संसाधनों को और मज़बूत करने की आवश्यकता है।