हरिद्वार, उत्तराखंड – उत्तराखंड पुलिस ने एक चौंकाने वाले मामले का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दीपक सैनी नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप है। महीनों से फरार चल रहे आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए खुद को भगवान शिव के रूप में छिपा लिया था। उसने अपने शरीर पर भस्म लगाई, भगवा वस्त्र धारण किए और ‘नीलकंठ’ नाम से लोगों के बीच एक श्रद्धेय साधु का रूप धारण किया।
ऑपरेशन “कालनेमी” के तहत गिरफ्तारी
यह गिरफ्तारी पुलिस के विशेष अभियान “ऑपरेशन कालनेमी” का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य फरार अपराधियों को पकड़ना है। पुलिस के अनुसार, सैनी लगातार मंदिरों और धार्मिक आयोजनों के बीच घूमता रहा, जिससे वह भीड़ में घुल-मिल गया और श्रद्धालुओं का विश्वास जीत लिया। उसके साधु के वेश ने उसे खुलेआम छिपे रहने में मदद की।
धार्मिक प्रतीकों के दुरुपयोग पर आक्रोश
पुलिस ने बताया कि यह भेष केवल गिरफ्तारी से बचने के लिए नहीं, बल्कि लोगों की धारणा को प्रभावित करने के लिए भी था। इस मामले ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया पैदा की है। लोगों ने धार्मिक प्रतीकों के दुरुपयोग की निंदा की है और स्वयंभू बाबाओं पर सख्त निगरानी की मांग की है।
जांच जारी, सतर्क रहने की अपील
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सैनी पुलिस हिरासत में है और मामले की आगे जांच की जा रही है। पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर तब जब कोई व्यक्ति धार्मिक रूप धारण करके सामने आए। इस घटना ने समाज में विश्वास और आस्था के दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़े कानूनों की आवश्यकता पर बहस को फिर से जगा दिया है।