उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस 2025 की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं!
आज हम बात करेंगे उस लंबे संघर्ष की जिसने देवभूमि उत्तराखंड को भारत का 27वां राज्य बनने तक का सफर तय करवाया।
उत्तराखंड राज्य की मांग की शुरुआत — 1897 से 2000 तक का सफर
उत्तराखंड राज्य की मांग पहली बार 1897 में उठी थी। धीरे-धीरे यह आंदोलन जन-आंदोलन का रूप लेता गया।
1994 में यह आंदोलन इतना प्रबल हो गया कि इसने पूरे उत्तराखंड को हिला कर रख दिया।
आखिरकार 9 नवंबर 2000 को भारत के मानचित्र पर एक नया राज्य उभरा — उत्तराखंड।
संघर्ष की अहम तिथियाँ और ऐतिहासिक घटनाएं
- 1913: कांग्रेस अधिवेशन में उत्तराखंड के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी।
- 1916: गोविंद बल्लभ पंत, बद्री दत्त पांडे आदि द्वारा कुमाऊं परिषद की स्थापना।
- 1926: परिषद का कांग्रेस में विलीनीकरण — आंदोलन को राजनीतिक दिशा मिली।
- 1938: श्रीनगर (गढ़वाल) में जवाहरलाल नेहरू ने उत्तराखंड के आत्मनिर्णय का समर्थन किया।
- 1940: बद्री दत्त पांडे और अनुसूया प्रसाद बहुगुणा ने पृथक राज्य की मांग उठाई।
- 1955: फजल अली आयोग ने पर्वतीय क्षेत्र के अलग राज्य की सिफारिश की।
- 1979: मसूरी में उत्तराखंड क्रांति दल की स्थापना।
- 1994: छात्रों और कर्मचारियों ने आरक्षण व पृथक राज्य की मांग पर बड़ा आंदोलन किया।
- 3 अक्टूबर 1994: मुजफ्फरनगर कांड — आंदोलन का निर्णायक मोड़।
- 15 अगस्त 1996: प्रधानमंत्री एच. डी. देवगौड़ा ने लाल किले से पृथक राज्य की घोषणा की।
- 9 नवंबर 2000: उत्तरांचल राज्य (वर्तमान उत्तराखंड) का आधिकारिक गठन हुआ।
मसूरी और खटीमा गोलीकांड: आंदोलन की ज्वाला
1994 के दौरान आंदोलन इतना तीव्र हुआ कि मसूरी और खटीमा में पुलिस फायरिंग हुई, जिसमें कई आंदोलनकारी शहीद हो गए।
इस घटना ने पूरे राज्य में जनाक्रोश की लहर पैदा कर दी — यही वह क्षण था जब उत्तराखंड राज्य आंदोलन इतिहास में अमर हो गया।
उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस 2025: संघर्ष की याद में गर्व का दिन
आज जब हम उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस 2025 मना रहे हैं, तो यह केवल जश्न का नहीं बल्कि उन बलिदानियों को याद करने का दिन है जिन्होंने राज्य के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
देवभूमि की इस धरती ने अनेक संघर्ष देखे, और आज यह भारत का गौरवशाली राज्य बन चुका है — अपनी संस्कृति, पर्वों और वीरता के लिए प्रसिद्ध।
“उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस 2025: उत्तराखंड की अनोखी कहानी”
यह दिवस हमें याद दिलाता है कि जब जनता एकजुट होती है तो कोई भी सपना असंभव नहीं होता।
उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस 2025 पर हम उन सभी आंदोलनकारियों को नमन करते हैं जिनके बलिदान से यह राज्य अस्तित्व में आया।





