Ankita bhandari case
उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ज्योति अधिकारी की गिरफ्तारी सामने आई है। पुलिस ने उन्हें हाल ही में एक प्रदर्शन के दौरान दिए गए बयानों और गतिविधियों के आधार पर गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
पुलिस के अनुसार, ज्योति अधिकारी एक सभा के दौरान हाथ में दराती लेकर मंच पर पहुंचीं और कुछ ऐसे बयान दिए, जिन्हें धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला माना गया। इसके अलावा, सार्वजनिक स्थान पर इस तरह के प्रदर्शन को कानून व्यवस्था के लिए चुनौती के रूप में देखा गया। इन्हीं तथ्यों के आधार पर उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
ज्योति अधिकारी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और समय-समय पर सामाजिक मुद्दों पर वीडियो साझा करती रही हैं। अंकिता भंडारी मामले को लेकर भी उन्होंने लगातार अपनी प्रतिक्रिया दी थी और कई विरोध प्रदर्शनों में भाग लिया था। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया है।
वहीं, इस गिरफ्तारी के बाद कुछ लोगों ने सवाल उठाए हैं कि क्या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून व्यवस्था के बीच संतुलन बना हुआ है। उनका कहना है कि विरोध प्रदर्शन और बयानबाजी के दौरान मर्यादा जरूरी है, लेकिन साथ ही न्याय की मांग करने वालों को अपनी बात रखने का अधिकार भी है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामला अभी जांच के अधीन है और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों और कानून के अनुसार की जाएगी। ज्योति अधिकारी को फिलहाल न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
इस बीच, अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर जांच और न्याय प्रक्रिया पर लोगों की नजर बनी हुई है। आम जनता की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई की जाए, ताकि न्याय प्रक्रिया पर विश्वास बना रहे।





