गौरीकुंड (रुद्रप्रयाग) — उत्तराखंड के पवित्र चारधाम यात्रा मार्ग पर एक बार फिर प्रकृति का कहर देखने को मिला है। 29 जुलाई की सायंकाल को गौरीकुंड से सोनप्रयाग की ओर जाने वाले मार्ग पर (लगभग 1.5 किलोमीटर दूरी पर) पहाड़ी से भारी बोल्डर और मलबागिरने से सड़क और पैदल मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया।
मार्ग बंद, यात्रा बाधित
मार्ग बंद होने के कारण श्री केदारनाथ धाम से लौट रहे सैकड़ों श्रद्धालु बीच रास्ते में फंस गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस बल, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए यात्रियों को वैकल्पिक पैदल रास्ते से निकालने की प्रक्रिया शुरू की।
रेस्क्यू अभियान में प्रशासन सक्रिय
रात होने के कारण पिछली रात तक 2179 श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के बाद अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। अगले दिन यानी आज प्रातःकाल से अभियान को दोबारा शुरू किया गया। अब तक 950 यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य की ओर रवाना किया जा चुका है।
रास्ता खोलने का कार्य जारी
इधर, सड़क को खोलने का कार्य भी युद्ध स्तर पर जारी है। संबंधित कार्यदायी संस्था द्वारा मलबा हटाने और मार्ग को पुनः सुचारू करने की कोशिशें लगातार की जा रही हैं, ताकि जल्द से जल्द यातायात सामान्य हो सके और यात्रा फिर से बिना बाधा जारी रखी जा सके।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और केवल सरकारी सूचना तंत्र या अधिकृत चैनलों से अपडेट प्राप्त करें। साथ ही, मौसम को ध्यान में रखते हुए यात्रियों को सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सख्त सलाह दी गई है।