उत्तराखंड राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 की मतगणना के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। 31 जुलाई को सुबह 8 बजे से राज्य भर में 10,915 पदों के लिए मतगणना का कार्य शुरू होगा, जिसमें 15,024 कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित मतगणना के लिए 8,926 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।
राज्यभर के कुल 34,151 उम्मीदवार इस चुनावी दौड़ में शामिल हैं, जिनके भाग्य का फैसला कल होगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने यह सुनिश्चित किया है कि मतगणना का पूरा कार्य पारदर्शिता, निष्पक्षता और स्वतंत्रता के साथ संपन्न हो।
69.16% मतदान, महिलाओं की सहभागिता पुरुषों से अधिक
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव श्री राहुल कुमार गोयल ने बताया कि हरिद्वार को छोड़कर शेष 12 जिलों के 89 विकासखंडों में दो चरणों — 24 जुलाई और 28 जुलाई — को मतदान हुआ। मतदान का कुल प्रतिशत 69.16% रहा, जिसमें पुरुषों की भागीदारी 64.23% और महिलाओं की भागीदारी 74.42% रही, जो कि महिलाओं की उच्च लोकतांत्रिक जागरूकता को दर्शाता है।
सुरक्षा व निगरानी के लिए विशेष इंतज़ाम
आयोग ने सभी मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी है। मतगणना की निगरानी प्रेक्षकों, जोनल मजिस्ट्रेट, और पुलिस अधिकारियों द्वारा की जाएगी। सभी केंद्रों पर बैरिकेडिंग, CCTV, और पुलिस बल की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक मतगणना केंद्र पर एक पुलिस क्षेत्राधिकारी, प्रभारी निरीक्षक, अथवा थानाध्यक्ष की तैनाती अनिवार्य की गई है।
विजयी जुलूसों पर रहेगा प्रतिबंध
राज्य निर्वाचन आयोग ने मतगणना के बाद निकलने वाले विजयी जुलूसों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है। आयोग ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर कहा है कि किसी भी उम्मीदवार या समर्थकों द्वारा जुलूस नहीं निकाला जाएगा, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
ऑनलाइन परिणाम होंगे उपलब्ध
जैसे ही रिटर्निंग ऑफिसर स्तर पर परिणाम घोषित होंगे, वैसे ही आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उन्हें प्रकाशित किया जाएगा। इससे जनता और प्रत्याशियों को रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।
निष्कर्ष
उत्तराखंड में पंचायत चुनाव की मतगणना पूरी सतर्कता और पारदर्शिता के साथ संपन्न होने जा रही है। महिला मतदाताओं की बढ़ती भागीदारी और आयोग द्वारा की गई सख्त सुरक्षा व्यवस्था राज्य में लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाती है।