उत्तरकाशी जिले के चामकोट गांव से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। ठंड से बचने के लिए कमरे के अंदर अंगेठी जलाकर सो रहे एक मजदूर की दम घुटने से मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और लोग सहमे हुए हैं।
ठंड से बचने के लिए जलाई अंगेठी, बन गई मौत की वजह
मृतक की पहचान 40 वर्षीय प्रमोद जोशी के रूप में हुई है, जो मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। बताया जा रहा है कि रात के समय अधिक ठंड होने के कारण प्रमोद जोशी ने अपने कमरे में अंगेठी जलाई और वहीं सो गए। कमरे के बंद होने की वजह से धीरे-धीरे धुआं भर गया और उनकी सांस घुट गई।
सुबह नहीं खुला दरवाजा, टूटा तो सामने आया सच
सुबह काफी देर तक जब कमरे से कोई हलचल नहीं हुई तो ग्रामीणों को शक हुआ। लोगों ने आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया, जहां प्रमोद जोशी अचेत अवस्था में पड़े मिले। उन्हें तुरंत 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस और प्रशासन को दी गई सूचना
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन को सूचित किया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी जुटाई और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में मौत की वजह दम घुटना बताई जा रही है।
बंद कमरे में अंगेठी जलाना बन सकता है जानलेवा
विशेषज्ञों के अनुसार बंद कमरे में अंगेठी, कोयला या लकड़ी जलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनती है। यह गैस न तो दिखाई देती है और न ही इसकी कोई गंध होती है, लेकिन यह बहुत ही जहरीली होती है और इंसान की जान ले सकती है।
अंगेठी का इस्तेमाल करते समय रखें ये सावधानियां
ठंड के मौसम में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:
- बंद कमरे में कभी भी अंगेठी जलाकर न सोएं
- कमरे में हवा के आने-जाने की सही व्यवस्था रखें
- सोने से पहले अंगेठी को पूरी तरह बुझा दें
- सिर दर्द, चक्कर या घबराहट महसूस हो तो तुरंत बाहर निकलें
- ठंड से बचाव के लिए सुरक्षित हीटर या गर्म कपड़ों का उपयोग करें
एक लापरवाही, बड़ा नुकसान
यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। ठंड से बचाव जरूरी है, लेकिन सुरक्षा उससे भी ज्यादा जरूरी है। सावधान रहें और दूसरों को भी जागरूक करें।





